भवानीमंडी(झालावाड़) जगदीश पोरवाल:
सड़कों और हाईवे पर भूख-प्यास से तड़प रही निराश्रित गौ-माताओं के लिए अनुकंपा फाउंडेशन उज्जैन एक मसीहा बनकर उभरा है। फाउंडेशन द्वारा आयोजित ‘जीवदया अमृत महोत्सव’ के तहत प्रशासनिक अनुमति से कुल 716 गौ-माताओं और उनके बछड़ों को विभिन्न गौशालाओं में सुरक्षित पहुँचाकर उन्हें नया जीवन दिया गया है।
प्रमुख गौशालाओं में मिला आश्रय
इस अभियान के तहत भवानीमंडी क्षेत्र के बिस्तूनिया ग्राम स्थित सेठ बसंतीलाल कालुलाल सालेचा गौशाला में 200 गौ-माताएं और उनके बछड़ों को आश्रय दिया गया। इसके अतिरिक्त:
तिलकेश्वर गौसेवा सदन, उज्जैन: 50 गौवंश
राधा मोहन गौशाला, चंदेसरा: 62 गौवंश
गणेश गौशाला, आगर: 250 गौवंश
सौभाग्य सूर्य धरांवरा धाम, इंदौर: 16 गौवंश
तुलसी गौशाला, चंदेसरी: 100 गौवंश
भामाशाहों का अनुकरणीय सहयोग
इस पुनीत कार्य में जीवदया प्रेमी श्राविका श्रीमती राशिका झामड़ (चेन्नई) और श्री गौतम संचेती (जोधपुर) की प्रेरणा से देशभर के दानदाताओं ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया। इनमें मुख्य रूप से श्रीमान मानसिंह चौहान (ठिकरिया), राजेश पन्नालाल सुराणा (चेन्नई), और अखिल भारतीय सुधर्म महिला मंडल की राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमती आशा बोहरा (चेन्नई) सहित कई गणमान्य परिवारों का विशेष योगदान रहा।
महोत्सव में जुटे दिग्गज
बिस्तूनिया में आयोजित मुख्य समारोह में प्रसिद्ध उद्योगपति गौतम चंद गोलेच्छा (जोधपुर) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ पूर्व मंत्री मानसिंह चौहान, दिनेश रोशनलाल (मेरठ), और ‘जैन समय’ के प्रधान संपादक अशोक नागौरी सहित कई विशिष्ट अतिथियों ने शिरकत की।
सभी अतिथियों ने अनुकंपा फाउंडेशन के इस मानवीय प्रयासों की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक प्रेरणादायक कदम बताया। कार्यक्रम में स्थानीय सरपंच मदन सिंह राठौड़ एवं अन्य ग्रामवासियों का भी विशेष सहयोग रहा।


