खेत-खलिहानों तक पहुँचा ‘हीट सेफ झालावाड़’ अभियान; किसानों को मिली लू से सुरक्षा की ढाल

झालावाड़। झालावाड़ जिले में धीरे-धीरे भीषण गर्मी और लू का प प्रकोप बढ़ता जा रहा है इसी को देखते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने “हीट सेफ झालावाड़ अभियान” चलाया है । अब यह अभियान केवल कागजों या शहरों तक सीमित न रहकर सीधे खेतों और खलिहानों तक पहुँच गया है। पुलिस अधीक्षक श्री अमित कुमार बुढ़ानिया और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. साजिद खान के नेतृत्व में शुरू हुआ यह अभियान अब एक व्यापक जन-आंदोलन का रूप ले चुका है।

खेतों में पहुँचे ‘डॉक्टर साहेब’, सिखाए बचाव के गुर

​विशेष अभियान के जिला नोडल अधिकारी डॉ. शुभम गिरिराज पाटीदार स्वयं गांव-गांव जाकर उन किसानों और मजदूरों के बीच पहुँच रहे हैं, जो इस तपती धूप में भी काम करने को मजबूर हैं। डॉ. पाटीदार ने खेतों में जाकर ग्रामीणों को न केवल जागरूक किया, बल्कि उन्हें लू (तापघात) से बचने के व्यावहारिक तरीके भी सिखाए।

राहत सामग्री का वितरण और प्रशिक्षण

​अभियान के दौरान मौके पर ही निम्नलिखित गतिविधियां आयोजित की गईं:

  • ORS और पोषण: ग्रामीणों को ओआरएस के पैकेट बांटे गए और घोल बनाने की सही विधि का प्रदर्शन किया गया। साथ ही संतरा जैसे मौसमी फल वितरित कर शरीर में पानी और पोषण का संतुलन बनाए रखने की सलाह दी गई।
  • हीट हेलमेट अभियान: ‘सिर ढका तो लू से बचे’ के संदेश के साथ टोपी, गमछा और पगड़ी के उपयोग पर जोर दिया गया।
  • खान-पान में बदलाव: लोगों को चाय-कॉफी के बजाय छाछ और नींबू पानी जैसे स्वास्थ्यवर्धक पेय अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

ग्रामीणों ने सराहा: “पहली बार कार्यस्थल पर मिली सुविधा”

​खेतों में काम कर रहे मजदूरों और किसानों ने इस पहल की मुक्तकंठ से सराहना की। ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार है जब कोई सरकारी अभियान और स्वास्थ्य सेवाएं सीधे उनके कार्यस्थल (खेतों) तक पहुँची हैं।

विशेष सुझाव: लू से कैसे बचें?

  • ​हर घंटे कम से कम 1 से 2 गिलास पानी जरूर पिएं।
  • ​सिंथेटिक कपड़ों के बजाय हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें।
  • ​दोपहर के समय अनावश्यक बाहर न निकलें और सिर हमेशा ढककर रखें।

अभियान का मूल मंत्र:

“हर घंटे पानी पियो, सिर ढककर बाहर जाओ,

लू को दूर भगाओ, खुद को सुरक्षित बनाओ।”

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