युद्ध की आंच से भारतीय बाजार में उथल-पुथल: पेट्रोकेमिकल से बने उत्पाद हो रहे हैं महंगे

भवानीमंडी। ( जगदीश पोरवाल ) अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव का असर अब स्थानीय बाजारों तक पहुंचने लगा है। ईरान-इजरायल के बीच बढ़ते टकराव के कारण पेट्रोकेमिकल उत्पादों की कीमतों में अचानक तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। हालात ऐसे बन गए हैं कि कई वस्तुओं के भाव दिनों में नहीं बल्कि घंटों के हिसाब से बदल रहे हैं, जिससे व्यापारियों के सामने असमंजस की स्थिति खड़ी हो गई है।
व्यापारियों के अनुसार कच्चे माल की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए कई फैक्ट्री संचालक पुराने ऑर्डर रद्द कर रहे हैं और नए रेट लागू कर रहे हैं। इससे पहले से तय सौदे टूटने लगे हैं और बाजार में अनिश्चितता का माहौल बन गया है।
सबसे ज्यादा परेशानी थोक व्यापारियों (होलसेलर) को झेलनी पड़ रही है। एक ओर मैन्युफैक्चरर पुराने भाव पर माल देने से मना कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर छोटे व्यापारी और रिटेलर पहले से तय रेट पर ही माल की मांग कर रहे हैं। ऐसे में कई थोक व्यापारी अपनी साख बचाने के लिए घाटा उठाकर भी माल की सप्लाई करने को मजबूर हैं।

सुबह का भाव दोपहर में बदल रहा-

बाजार में तेजी-मंदी की स्थिति इतनी तेज है कि सुबह तय हुआ भाव दोपहर तक बदल जा रहा है। ऐसे में व्यापारी लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से भाव अपडेट कर रहे हैं, ताकि बाजार में भ्रम की स्थिति कम हो सके और व्यापारियों को वास्तविक जानकारी मिलती रहे।

हर दुकानदार के पास आते हैं पेट्रोकेमिकल से बने उत्पाद-

आज के दौर में बाजार के प्रत्येक दुकानदार के पास पेट्रोकेमिकल से बने उत्पाद किसी ने किसी रूप में आते ही हैं । टायर, ऑटो पार्ट्स , क्रोकरी , मनिहारी,डिस्पोजेबल,जूते चप्पल,यानी हर दुकानदार भाव के उतार-चढ़ाव से काफी परेशान है, अगले माह अप्रेल से शादी विवाह का सीजन भी सर पर है ऐसी स्थिति में व्यापारीयो को माल खरीदना भी है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यदि स्थिति सामान्य होती है तो इस तेजी के भाव में खरीदे माल में भारी घाटा भी हो सकता है ।हर व्यापारी असमंजस की स्थिति में क्या करा जावे ।

कार्टून में दिखी बाजार की हकीकत-

बाजार की इस स्थिति को एक व्यंग्यात्मक कार्टून में भी दर्शाया गया है। इसमें एक ओर मैन्युफैक्चरर फोन पर पुराने सौदे रद्द कर नए रेट बता रहा है, जबकि दूसरी ओर छोटे व्यापारी पुराने रेट पर बिल बनाने की मांग कर रहे हैं। बीच में खड़ा थोक व्यापारी दोनों तरफ से दबाव झेलता दिखाई दे रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय हालात सामान्य नहीं होते, तब तक पेट्रोकेमिकल और उससे जुड़े उत्पादों के बाजार में इसी तरह की अनिश्चितता बनी रह सकती है।

एक नजर में स्थित-

बाजार की मौजूदा स्थिति
कच्चे माल की कीमतों में अनिश्चितता
फैक्ट्री संचालकों द्वारा पुराने ऑर्डर रद्द
थोक व्यापारी दो तरफ के दबाव में
साख बचाने के लिए घाटे में सप्लाई
सोशल मीडिया पर पल-पल बदलते भाव

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