झालावाड़, 2 सितम्बर। ( जगदीश पोरवाल )मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के बीच इन्फ्लूएंजा, स्वाइन फ्लू एवं कोविड जैसे श्वसन रोगों के प्रसार की संभावना को देखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। रोगों की रोकथाम, नियंत्रण, जांच, उपचार एवं आमजन में जागरूकता के लिए निदेशालय जयपुर से प्राप्त निर्देशों के अनुसार जिले में आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. साजिद खान ने जिले के सभी ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारियों तथा जिला चिकित्सालय, उप जिला चिकित्सालय, सैटेलाइट चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के प्रभारियों को श्वसन रोगों की रोकथाम एवं बचाव के लिए पुख्ता व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सभी चिकित्सा संस्थानों पर पर्याप्त दवाइयों की उपलब्धता रखने तथा मरीजों में लक्षण दिखाई देने पर निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार तत्काल उपचार शुरू करने के लिए भी पाबंद किया गया है।
ये लक्षण दिखें तो रहें सतर्क
स्वाइन फ्लू के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार एवं ठंड लगना, लगातार खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द तथा सांस लेने में तकलीफ शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर बीमारी को सामान्य मौसमी बीमारी समझकर नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दी गई है।
खांसते-छींकते समय मुंह-नाक ढकें
उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (स्वास्थ्य) डॉ. लेखराज मालव ने बताया कि श्वसन संक्रमण संक्रमित व्यक्ति के खांसने-छींकने से निकलने वाली बूंदों, दूषित सतह को छूने तथा भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से फैल सकता है। संक्रमण से बचाव के लिए खांसते या छींकते समय मुंह एवं नाक को ढककर रखें, साबुन से नियमित रूप से हाथ धोएं तथा बीमार व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें।
लक्षण दिखें तो तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लें
सीएमएचओ डॉ. साजिद खान ने आमजन से अपील की है कि श्वसन संबंधी लक्षणों को सामान्य मौसमी बीमारी मानकर नजरअंदाज न करें। लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर पहुंचकर चिकित्सक से उचित परामर्श लें। समय पर जांच और उपचार से बीमारी के गंभीर रूप लेने की आशंका को कम किया जा सकता है।

