भवानीमंडी | 02 अगस्त 2026
यात्रियों को नियमसम्मत एवं पारदर्शी यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने और बिना टिकट यात्रा पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल में एक विशेष औचक टिकट जांच अभियान चलाया गया। यह कार्रवाई रविवार को मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री किशोर कुमार पटेल के नेतृत्व में गाड़ी संख्या 20156 (नई दिल्ली–डॉ. अम्बेडकर नगर सुपरफास्ट एक्सप्रेस) में कोटा से शामगढ़ स्टेशन के मध्य की गई।
कार्रवाई के मुख्य बिंदु:
- बिना टिकट यात्री: 26 मामले दर्ज
- अनियमित/अनुचित टिकट: 08 मामले दर्ज
- कुल मामले: 34 यात्री
- वसूला गया कुल जुर्माना: ₹25,545
अभियान के दौरान चल टिकट परीक्षक (TTE) बहादुर सिंह, देवाशीष चटर्जी, त्रिलोक चंद तथा रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के दिनेश कुमार हाडा व मोहन दास ने सक्रिय भूमिका निभाई।
जन विश्वास अधिनियम-2026 के प्रति किया गया जागरूक
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ जैन ने बताया कि ऐसे सघन टिकट जांच अभियानों का मुख्य उद्देश्य अनियमित यात्रा पर रोक लगाने के साथ-साथ यात्रियों में नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
उन्होंने जानकारी दी कि जन विश्वास अधिनियम, 2026 के अंतर्गत ‘रेलवे अधिनियम, 1989’ की विभिन्न धाराओं में संशोधन किया गया है, जिससे कई प्रकार के रेलवे अपराधों पर अर्थदंड (जुर्माना) में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। जांच के दौरान यात्रियों को इन नए कड़े प्रावधानों की भी जानकारी दी गई।
रेल प्रशासन की अपील
रेल प्रशासन ने आम यात्रियों से अपील की है कि वे हमेशा वैध टिकट लेकर ही यात्रा करें। यात्रा के दौरान स्वच्छता बनाए रखें, धूम्रपान से बचें तथा महिला आरक्षित कोचों में अनधिकृत प्रवेश न करें। रेलवे का उद्देश्य केवल दंडात्मक कार्रवाई करना नहीं, बल्कि सुरक्षित, स्वच्छ और अनुशासित रेल यात्रा सुनिश्चित करना है। मंडल में ऐसे विशेष जांच अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेंगे।

