भवानीमंडी। ( जगदीश पोरवाल ) रेलवे स्टेशन से मालीपुरा (मध्य प्रदेश) जाने वाले राहगीरों और ग्रामीणों के लिए एक बेहद राहत भरी और खुशखबरी सामने आई है। रेल विभाग ने मालीपुरा पहुँचने के लिए 6.73 करोड़ रुपये की लागत से नए रेलवे ओवर ब्रिज/फुट ओवर ब्रिज के निर्माण को स्वीकृति दे दी है। इस निर्णय से लंबे समय से चली आ रही ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग आखिरकार पूरी हो गई है।
लंबे संघर्ष और प्रयासों को मिली सफलता
उल्लेखनीय है कि पूर्व में भवानीमंडी रेलवे स्टेशन से मालीपुरा जाने के लिए ग्रामीण जान जोखिम में डालकर रेलवे पटरियों को पार करते थे। कुछ वर्ष पूर्व रेलवे द्वारा सुरक्षा की दृष्टि से लोहे की बाउंड्री बनाकर इस रास्ते को बंद कर दिया गया था, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करते हुए केवल पैदल ही जैसे-तैसे बाउंड्री क्रॉस करनी पड़ रही थी।
मालीपुरा वासियों की इस गंभीर समस्या को दूर करने के लिए फुट ओवर ब्रिज के निर्माण की मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी। इसके लिए स्थानीय प्रमुख नेताओं जिनमें श्याम गुर्जर, कमल हटवाल, मनोहर सैनी आदि शामिल हैं, ने मंदसौर-जावरा सांसद सुधीर गुप्ता से लगातार संपर्क साधा और रेल मंत्रालय व वरिष्ठ अधिकारियों को पत्राचार के माध्यम से वस्तुस्थिति से अवगत कराया। इन सामूहिक प्रयासों के फलस्वरूप अब रेल विभाग ने इस जनहित की मांग पर अपनी स्वीकृति की मुहर लगा दी है। ( जनसंदेश -जगदीश पोरवाल )
ब्रिज से जुड़ी मुख्य बातें (एक नज़र में):
- स्वीकृत राशि: ₹6.73 करोड़
- ब्रिज की चौड़ाई: 3.66 मीटर
- विशेष सुविधा: पैदल यात्रियों के साथ-साथ दोपहिया वाहनों के निकलने की भी सुविधा रहेगी।
- लोकेशन: इसका निर्माण कोटा की तरफ मालीपुरा साइड में किया जाएगा।
- टेंडर की अंतिम तिथि: 04 अगस्त
- निर्माण अवधि: कार्य पूर्ण करने की समय-सीमा 12 महीने तय की गई है।
तीसरी और चौथी लाइन को ध्यान में रखकर तय होगी लंबाई
कोटा मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि भवानीमंडी-मालीपुरा साइड के लिए यह महत्वपूर्ण ओवर ब्रिज स्वीकृत हो चुका है। उन्होंने बताया कि भविष्य में रेलवे के विस्तार और तीसरी व चौथी लाइन (Third & Fourth Line) के निर्माण को ध्यान में रखते हुए फिलहाल इस ब्रिज की लंबाई का चयन बाद में किया जाएगा।
इस ओवर ब्रिज के बन जाने से न केवल मालीपुरा के निवासियों को सुगम आवागमन मिलेगा, बल्कि रेल पटरियों को अवैध रूप से पार करने से होने वाले सम्भावित हादसों पर भी पूरी तरह से लगाम लग सकेगी। क्षेत्र में इस स्वीकृति के बाद खुशी की लहर है।
नोट – चित्र AI द्वारा बनाया गया काल्पनिक है ।

