झालावाड़, 28 जून। जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में रविवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रधानमंत्री सड़क दुर्घटना पीड़ित उपचार योजना (पीएम राहत), मुख्यमंत्री आयुष्मान जीवन रक्षा योजना तथा रेबीज नियंत्रण एवं जागरूकता गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने वाले ‘भले व्यक्ति’ को मिलेंगे 10 हजार रुपये
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री आयुष्मान जीवन रक्षा योजना की समीक्षा की गई, जिसके तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले ‘भले व्यक्ति’ (Good Samaritan) को 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है। जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि:
- आमजन को इस योजना से जोड़ने के लिए व्यापक जनजागरूकता गतिविधियां चलाई जाएं ताकि पीड़ितों को ‘गोल्डन ऑवर’ में उपचार मिल सके।
- बैठक के दौरान इस अभियान से संबंधित एक जागरूकता पोस्टर का विमोचन भी किया गया।
- दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट्स) के पास स्थित अस्पतालों की मैपिंग कर वहां सभी आवश्यक चिकित्सा व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएं।
पीएम राहत योजना: 7 दिनों तक 1.5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. साजिद खान ने ‘पीएम राहत योजना’ की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इसके तहत दुर्घटना पीड़ितों को शुरुआती 7 दिनों तक अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक की कैशलेस आपातकालीन चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाती है। उन्होंने सभी संबंधित अस्पतालों को इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिला बनेगा ‘रेबीज मुक्त’, जागरूकता पर जोर
जिले को रेबीज मुक्त बनाने के लक्ष्य पर चर्चा करते हुए सीएमएचओ ने रेबीज नियंत्रण एवं जागरूकता अभियान की प्रगति रिपोर्ट पेश की। उन्होंने कहा कि:
”पशुओं के काटने की घटना होने पर घाव को तुरंत साबुन और बहते पानी से धोना चाहिए। इसके साथ ही समय पर एंटी-रेबीज टीकाकरण (ARV) करवाना बेहद जरूरी है। इसके लिए आमजन को लगातार जागरूक किया जा रहा है।”
बैठक में ये रहे मौजूद:
इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर अनुराग भार्गव, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शम्भुदयाल मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्योराजमल सहित विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे
