रेलवे पास व्यवस्था हुई पूर्णतः डिजिटल, कर्मचारियों को घर बैठे मिलेगी सुविधा


कोटा, ( जगदीश पोरवाल )3 जून। भारतीय रेलवे ने डिजिटल इंडिया और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए रेलवे कर्मचारियों एवं पेंशनरों के लिए पास जारी करने की पूरी व्यवस्था को ऑनलाइन कर दिया है। अब सभी प्रकार के रेलवे पास और पीटीओ (परचेज ट्रेवल ऑर्डर) केवल मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (एचआरएमएस) के ई-पास/पीटीओ मॉड्यूल के माध्यम से ही जारी किए जाएंगे।

पास डिजिटल माध्यम से जारी किए जाएंगे

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि रेलवे बोर्ड के नवीन निर्देशों के अनुसार प्रिविलेज पास, पीटीओ, ड्यूटी चेक पास, सेवानिवृत्ति उपरांत मिलने वाले पूरक पास तथा कर्मचारी की मृत्यु के बाद आश्रितों को देय पास भी अब पूरी तरह डिजिटल माध्यम से जारी किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था से कर्मचारियों और पेंशनरों को कार्यालयों के चक्कर लगाने तथा कागजी औपचारिकताओं से मुक्ति मिलेगी। कर्मचारी घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे और अपने आवेदन की स्थिति भी डिजिटल माध्यम से देख सकेंगे। इससे समय और श्रम दोनों की बचत होगी तथा सेवा वितरण अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगा।

कागज की खपत में कमी आयेगी

रेलवे प्रशासन के अनुसार डिजिटल पास प्रणाली से कागज की खपत में उल्लेखनीय कमी आएगी। मैनुअल पास बुक, पूर्व-मुद्रित स्टेशनरी और कागजी अभिलेखों की आवश्यकता समाप्त होने से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा तथा रिकॉर्ड का सुरक्षित एवं व्यवस्थित डिजिटल रख-रखाव संभव हो सकेगा।

पारदर्शी और त्वरित सेवा उपलब्ध होगी

नई व्यवस्था के तहत दिव्यांग कर्मचारियों एवं सेवानिवृत्त रेलकर्मियों के आवेदन भी एचआरएमएस पोर्टल के माध्यम से ही संसाधित किए जाएंगे। इससे सभी श्रेणियों के लाभार्थियों को समान, पारदर्शी और त्वरित सेवा उपलब्ध होगी।
यह प्रणाली सभी जोनल रेलवे, रेलवे सार्वजनिक उपक्रमों, केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थानों, आईआरसीटीसी तथा सीआरआईएस में लागू होगी। रेलवे प्रशासन का मानना है कि यह पहल स्मार्ट, पेपरलेस और पर्यावरण-अनुकूल रेलवे के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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