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झालावाड़ | 30 मार्च, 2026
झालावाड़ जिले में पिछले कुछ दिनों से हो रही असामयिक वर्षा ने रबी की फसलों, विशेषकर गेहूं की कटी हुई फसल को संकट में डाल दिया है। जिले में इन दिनों गेहूं की कटाई और थ्रेसिंग का काम जोरों पर है, ऐसे में अचानक हुई बारिश से किसानों को भारी नुकसान की आशंका है।
14 दिनों का सुरक्षा कवच
संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) डॉ. नरेश कुमार शर्मा ने बताया कि जिले के लिए ‘एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड’ को अधिकृत किया गया है। राज्य सरकार के नियमानुसार, जिन किसानों ने फसल बीमा कराया है, उन्हें फसल कटाई के बाद अगले 14 दिनों तक विशेष सुरक्षा मिलती है।
नियम: यदि कटी हुई फसल खेत में सूखने के लिए फैलाई गई है और उस दौरान बारिश, ओलावृष्टि या चक्रवात से नुकसान होता है, तो किसान व्यक्तिगत आधार पर बीमा क्लेम के हकदार होंगे।
नुकसान की सूचना कैसे दें?
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि बीमा लाभ लेने के लिए किसान को नुकसान होने के 72 घंटे के भीतर सूचना देना अनिवार्य है। सूचना दर्ज करने के लिए निम्नलिखित तीन माध्यम उपलब्ध हैं:
- कृषि रक्षक पोर्टल: ऑनलाइन पंजीकरण हेतु।
- हेल्पलाइन नंबर: 14447 पर कॉल करके।
- क्रॉप इंश्योरेंस ऐप: मोबाइल के माध्यम से त्वरित जानकारी।
विशेष अपील
डॉ. शर्मा ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपने खेतों का निरंतर निरीक्षण करें। यदि बारिश या ओलावृष्टि से कटी फसल को क्षति पहुंची है, तो देरी न करें। तय समय सीमा (72 घंटे) में सूचना दर्ज कराने पर ही सर्वे और क्लेम की प्रक्रिया सुचारू रूप से शुरू हो सकेगी।
