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भवानीमंडी। ( जगदीश पोरवाल )सेवा भारती भवानीमंडी एवं सेवा भारती झालावाड़ द्वारा संचालित सेवाधाम छात्रावास में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं चरित्र निर्माण के उद्देश्य से एक दिवसीय ‘बाल संस्कार शिविर’ का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर में सेवा भारती चित्तौड़ प्रांत के संगठन मंत्री गोविंद जी एवं प्रांत छात्रावास प्रमुख दुलीचंद जी का प्रवास एवं विशेष मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
शिविर में कुल 7 सत्र आयोजित किए गए, जिनमें बच्चों को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में विभिन्न गतिविधियां संचालित की गईं:
- प्रथम सत्र: बच्चों को खेल, योग एवं सूर्य नमस्कार का अभ्यास कराकर दिवस की शुरुआत की गई।
- द्वितीय सत्र: आध्यात्मिक चेतना जागृत करने के लिए भजन, सामूहिक आरती एवं हनुमान चालीसा का पाठ हुआ।
- तृतीय सत्र: द्वितीय चरण में पुनः शारीरिक फिटनेस के लिए योग, सूर्य नमस्कार और बौद्धिक खेल कराए गए।
- चतुर्थ सत्र: विद्यार्थियों को भारतीय वैदिक परंपरा के अनुसार यज्ञ-हवन का प्रशिक्षण दिया गया।
- पंचम सत्र: कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) तथा सामाजिक जागरूकता के उद्देश्य से ‘पंच परिवर्तन’ विषय पर गहन चर्चा की गई।
- षष्ठम सत्र: भारतीय संस्कृति और भजनों पर आधारित ज्ञानवर्धक अंताक्षरी प्रतियोगिता का आयोजन हुआ।
समापन सत्र: सनातन संस्कृति के 6 मुख्य स्तंभों पर मंथन
समापन सत्र के दौरान संगठन मंत्री गोविंद जी ने सनातन धर्म और संस्कृति के 6 प्रमुख बिंदुओं—1. कालगणना, 2. उत्सव व त्योहार, 3. धार्मिक ग्रंथ, 4. तीर्थ स्थल, 5. महापुरुष, और 6. रीति-रिवाज व परंपराएं—पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बच्चों को इन बिंदुओं के माध्यम से अपने जीवन में उच्च नैतिक मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम का समापन विश्व कल्याण की भावना के साथ ‘कल्याण मंत्र’ के उच्चारण के साथ किया गया। शिविर में सेवा भारती के स्थानीय पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं छात्रावास के सभी छात्र उपस्थित रहे।

