सड़कों से अतिक्रमण हटाने और बेसहारा पशुओं की समस्या दूर करने पर जोर, शराब पीकर वाहन चलाने व तेज रफ्तार के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश
झालावाड़, 18 सितंबर। जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने ब्लैक स्पॉट्स पर सुधारात्मक कार्यवाही, सड़कों से अतिक्रमण हटाने और राजमार्गों पर विचरण करने वाले बेसहारा पशुओं को हटाने के निर्देश दिए हैं। जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक शुक्रवार को जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में मिनी सचिवालय सभागार में हुई।
जिला कलक्टर ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को रोकना सभी संबंधित विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए पुलिस, परिवहन, सार्वजनिक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्ग प्राधिकरण तथा स्थानीय निकाय आपसी समन्वय से प्रभावी कार्रवाई करें।
ब्लैक स्पॉट्स का नियमित निरीक्षण
बैठक में जिले के चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स की समीक्षा की गई। जिला कलक्टर ने इन स्थानों पर दुर्घटनाओं के कारणों का विश्लेषण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्य प्राथमिकता से कराने के निर्देश दिए। उन्होंने ब्लैक स्पॉट्स का नियमित निरीक्षण और चिन्हीकरण करते हुए स्थायी समाधान की दिशा में काम करने को कहा।
हाईवे पर लगेंगे स्पीड साइन बोर्ड
राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर निर्धारित गति सीमा दर्शाने वाले पर्याप्त और स्पष्ट स्पीड साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए। साथ ही दुर्घटनाओं के दुष्परिणामों तथा शराब पीकर वाहन चलाने से होने वाले हादसों के प्रति वाहन चालकों को जागरूक करने के लिए प्रभावी संदेश एवं चित्र प्रदर्शित करने पर जोर दिया गया।
सड़क सीमा से हटेगा अतिक्रमण
जिला कलक्टर ने सभी सड़क स्वामित्व वाले विभागों को अपनी सड़कों एवं सड़क सीमा क्षेत्र में चिन्हित अतिक्रमण को शत-प्रतिशत हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क पर अतिक्रमण से यातायात बाधित होने के साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ता है। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नियमित रूप से जारी रखकर सड़क सीमा को अतिक्रमण मुक्त रखने के निर्देश दिए गए।
अकतासा-कटफला व टोल क्षेत्र में पशुओं पर नजर
अकतासा, कटफला और टोल क्षेत्र सहित दुर्घटना संभावित स्थानों पर सड़कों पर विचरण करने वाले बेसहारा पशुओं को हटाने के निर्देश दिए गए। जिला कलक्टर ने कहा कि मुख्य मार्गों और राजमार्गों पर बेसहारा पशुओं की मौजूदगी गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है। इसके लिए संबंधित विभाग और स्थानीय निकाय समन्वय से प्रभावी व्यवस्था करें।
सड़क किनारे शराब दुकानों का परीक्षण
सड़कों के समीप स्थित शराब की दुकानों के संबंध में भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जिला कलक्टर ने सड़क सुरक्षा की दृष्टि से ऐसे स्थानों का परीक्षण कर नियमानुसार कदम उठाने को कहा, ताकि शराब का सेवन कर वाहन चलाने जैसी दुर्घटना संभावित गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके।
बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम से जुड़े विभिन्न सुझावों पर चर्चा की गई और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शम्भुदयाल मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचन्द मीणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
