झालावाड़। ( जगदीश पोरवाल )जिला प्रशासन की संवेदनशील पहल और बाल संरक्षण इकाई के प्रयासों से तीन माह के बेसहारा बालक को गुरुवार को नया परिवार, नई पहचान और सुरक्षित भविष्य मिल गया। मिनी सचिवालय में जिला कलक्टर एवं बाल संरक्षण इकाई के अध्यक्ष अजय सिंह राठौड़ ने विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद बालक को उसके दत्तक माता-पिता के सुपुर्द किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में कलक्टर ने बालक का नाम ‘नरेन्द्र’ रखा।
17 दिन की उम्र में मंदिर के पास मिला था
बालक जून माह में मनोहरथाना क्षेत्र के टनटोकरी स्थित हनुमान मंदिर के समीप बेसहारा अवस्था में मिला था। उस समय उसकी उम्र महज 17 दिन थी। सूचना मिलने पर बाल कल्याण समिति ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बालक को उपचार के लिए एसआरजी चिकित्सालय में भर्ती कराया।
चिकित्सकीय उपचार एवं आवश्यक देखभाल के बाद 7 जुलाई को बालक को शिशु गृह भेज दिया गया, जहां उसकी देखभाल की गई।
CARA पोर्टल से हुआ परिवार का चयन
बाल कल्याण समिति द्वारा निर्धारित विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद बालक को कानूनी रूप से दत्तक ग्रहण के लिए मुक्त घोषित किया गया। इसके बाद केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) के पोर्टल के माध्यम से पात्र दत्तक माता-पिता का चयन किया गया। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद गुरुवार को बालक को उसके नए परिवार को सौंप दिया गया।
सुरक्षित परिवार बच्चे के विकास के लिए जरूरी
जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने कहा कि बच्चे के सर्वांगीण विकास के लिए सुरक्षित, स्नेहपूर्ण और पारिवारिक वातावरण बेहद आवश्यक है। उन्होंने बालक को नया परिवार मिलने पर खुशी व्यक्त करते हुए इस पूरी प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की।
बालक को अपने परिवार में पाकर दत्तक माता-पिता के चेहरे पर भी खुशी साफ दिखाई दी। कार्यक्रम ने बाल संरक्षण और दत्तक ग्रहण की संवेदनशील प्रक्रिया को भी रेखांकित किया।
कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उप निदेशक गौरीशंकर मीणा, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष शिवराज सिंह, शिशु गृह के सहायक निदेशक महावीर सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

