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मंदसौर। पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीणा के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत मंदसौर कोतवाली और नाहरगढ़ पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने 5 अलग-अलग राज्यों में 17 स्थानों पर चोरी और नकबजनी की वारदात को अंजाम देने वाली अंतरराज्यीय बागरिया गैंग का पर्दाफाश करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 20 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवरात और वारदात में इस्तेमाल हथियार बरामद किए गए हैं।
18 जुलाई की चोरी से सुलझी कड़ी
पुलिस के अनुसार, 18 जुलाई 2026 को मंदसौर कोतवाली क्षेत्र में एक मकान का ताला तोड़कर चोरों ने अलमारी से 20 हजार रुपये नकद और सोने-चांदी के जेवरात पार कर दिए थे। मामले में पुलिस ने धारा 305(a), 331(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। पूछताछ और जांच के दौरान अंतरराज्यीय बागरिया गैंग का नाम सामने आया, जिसके बाद इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।
5 राज्यों के कई शहरों में दिए अपराध को अंजाम
पूछताछ में सामने आया है कि गैंग के सदस्यों ने मिलकर इंदौर, रतलाम, आगरा, राजसमंद, नाथद्वारा, उदयपुर, मालेगांव, धुलिया, दिल्ली और गुड़गांव सहित कई शहरों में नकबजनी की घटनाओं को अंजाम दिया था। इन सभी जगहों पर इनके खिलाफ संबंधित थानों में मामले दर्ज हैं।
गिरफ्तार आरोपी:
- शिवराम उर्फ हनुमान पिता लादूराम बागरिया (निवासी ग्राम देवरिया कला, जिला अजमेर)
- सावरा पिता रमेश बागरिया (निवासी चपानेरी, जिला अजमेर)
- सूरज पिता रमेश बागरिया (निवासी चपानेरी, जिला अजमेर)
- मंदसौरबैडिया उर्फ सावरा (निवासी ग्राम कुसायता)
- उमराव पिता लादूराम लोहार (निवासी कोटिया, जिला भीलवाड़ा, हाल मुकाम बिजयनगर ब्यावर)
- कालुराम पिता रतनलाल बागरिया (निवासी चपानेरी, जिला अजमेर)
बरामदगी और प्रयुक्त हथियार:
पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 20 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात जब्त किए हैं। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल की जाने वाली 2 टॉमी, 1 इलेक्ट्रॉनिक कटर, 2 दस्ताने (ग्लव्स) और 1 प्लास्टिक प्लास भी बरामद किया गया है।
पुलिस टीम का सराहनीय योगदान
इस कार्रवाई में अति. पुलिस अधीक्षक टी.एस. बघेल, एसडीओपी ग्रामीण कीर्ति बघेल, सीएसपी जितेंद्र भास्कर के मार्गदर्शन में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक पुष्पेंद्र सिंह राठौर, नाहरगढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक वरुण तिवारी, उनि शैलेंद्र सिंह कनेश, उनि संदीप मौर्य, प्रआर उमंग शर्मा, अर्जुन सिंह राठौर, हरिश यादव, आशीष बैरागी (साइबर सेल), मनिष बघेल (साइबर सेल), मुजफ्फरउद्दीन (साइबर सेल), आर हरिश राठौर, आशुतोष, मंगल और शैलेंद्र सिंह की विशेष भूमिका रही।
