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भवानीमंडी।
विशेष एन.डी.पी.एस. एक्ट एवं अपर जिला व सत्र न्यायालय भवानीमंडी के न्यायाधीश श्री राजीव दत्तात्रेय ने अफीम डोडा चूरा तस्करी के 9 साल पुराने मामले में अहम फैसला सुनाते हुए आरोपी को 5 वर्ष के कठोर कारावास और 25,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। इसके अलावा, गिरफ्तारी के दौरान पुलिस को अपना गलत नाम बताकर गुमराह करने के आरोप में आरोपी को धारा 117 आई.पी.सी. के तहत 3 माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भी सुनाई गई है।
क्या है पूरा मामला?
अपर लोक अभियोजक हेमराज शर्मा के अनुसार, घटना 31 अक्टूबर 2017 की है। उप निरीक्षक भवानीमंडी पुलिस टीम के साथ शाम के समय गश्त पर थे। शाम लगभग 3:45 बजे नया बस स्टैंड के पास एक व्यक्ति हाथ में प्लास्टिक का कट्टा लेकर आता हुआ दिखाई दिया। पुलिस टीम को देखकर वह भागने लगा, जिसे संदेह होने पर पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ लिया।
कट्टे की तलाशी लेने पर उसके पास से 20 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ अफीम डोडा चूरा बरामद हुआ।
गलत नाम बताकर पुलिस को किया था गुमराह
चेकिंग व गिरफ्तारी के समय आरोपी ने अपना नाम दलजीतसिंह पिता बलजीतसिंह, जाति जाट सिख, उम्र 52 वर्ष, निवासी जोधा, थाना सदर पटियाला (पंजाब) बताया था।
पुलिस अनुसंधान (जांच) के दौरान आरोपी द्वारा बताया गया नाम व पता पूरी तरह गलत पाया गया। गहन जांच के बाद आरोपी की वास्तविक पहचान जगदेव सिंह आत्मज उजागर सिंह, जाति सिख, निवासी पंजोला, थाना पटियाला (पंजाब) के रूप में हुई।
अदालत का फैसला
भवानीमंडी पुलिस द्वारा न्यायालय में आरोप पत्र (चार्जशीट) प्रस्तुत किया गया। न्यायालय में पेश साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने धारा 8/15 एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत दोषी करार देते हुए जगदेव सिंह को 5 वर्ष के कठोर कारावास व 25,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। साथ ही, गलत पहचान बताने पर धारा 117 आई.पी.सी. में 3 महीने की सजा सुनाई।
