भ
भवानीमंडी। ( जगदीश पोरवाल )त्योहारों की असली खुशी अपनों के साथ-साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक खुशियां पहुंचाने में है। इसी भावना को साकार करते हुए ‘टीम बदलाव’ के युवाओं ने रक्षाबंधन के पावन पर्व को एक नए और सार्थक रूप में मनाया। टीम के सदस्यों ने ‘खुश रहो, खुशियां बांटो’ मुहिम के तहत नगर में निर्माणाधीन भवनों पर कार्य कर रहे मजदूरों, कारीगरों और कामदारों के बीच पहुंचकर इस पर्व की खुशियां साझा कीं।
कार्यक्रम के दौरान टीम के सदस्यों ने लगभग 40 श्रमिक परिवारों के सदस्यों को कुमकुम का तिलक लगाकर राखी बांधी और उन्हें मिठाई व नमकीन के पैकेट भेंट किए। इसके साथ ही जरूरतमंद बच्चों को बिस्कुट के पैकेट बांटे गए और सभी कामदारों को रक्षाबंधन की अग्रिम शुभकामनाएं दी गईं।
पॉकेट मनी से की सेवा, समाज के सामने पेश की मिसाल
अपनी जेब खर्च (पॉकेट मनी) से पैसे बचाकर जरूरतमंदों के चेहरे पर मुस्कान लाने का ‘टीम बदलाव’ का यह प्रयास नगर में चर्चा और सराहना का विषय बना हुआ है। युवाओं की इस पहल ने समाज में सामाजिक समरसता, संवेदनशीलता और निस्वार्थ सेवा भाव का एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया है।
अभियान में ये युवा रहे शामिल
खुशियों के इस दीप को प्रज्वलित करने में शुभांगी नागोता जैन, आरना जैन, प्राज्ञ नागोता जैन, अर्व जैन, धैर्या जैन, रौनक आहूजा, पुलकित मेघवानी, सात्विक अजय, निर्मित जैन, रिधिमा विजावत जैन, रिमझिम विजावत जैन, यशस्वी राठौड़, सचजोत कौर होरा, अनुश्री गुप्ता और खुशी नागर सहित कई सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा। सभी के सामूहिक सहयोग से यह कार्यक्रम आनंदपूर्वक संपन्न हुआ।
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि जब देश की युवा पीढ़ी में इस प्रकार की सेवा और सहयोग की भावना पनपती है, तो समाज के हर वर्ग में खुशहाली का मार्ग प्रशस्त होता है। ‘टीम बदलाव’ के इस धरातलीय प्रयास से प्रेरणा लेकर अन्य युवाओं को भी सामाजिक सरोकारों से जुड़ने की आवश्यकता है।

