झालावाड़, 25 अगस्त। ( जगदीश पोरवाल ) जिला कलेक्टर श्री अजय सिंह राठौड़ के निर्देशानुसार एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. साजिद खान के नेतृत्व में जिला अंधता निवारण समिति, झालावाड़ द्वारा 41वें राष्ट्रीय नेत्रदान जागरूकता पखवाड़े का शुभारंभ राजकीय जिला चिकित्सालय, झालरापाटन में किया गया।
इस अवसर पर नेत्रदान के महत्व के प्रति आमजन को जागरूक करने तथा नेत्रदान के लिए अधिक से अधिक लोगों को प्रेरित करने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने नेत्रदान को मानव सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए समाज में इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
नेत्रदान दृष्टिहीन व्यक्ति के जीवन में रोशनी ला सकता है
प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुधानंद ने बताया कि राष्ट्रीय नेत्रदान जागरूकता पखवाड़े के दौरान जिले में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से आमजन को नेत्रदान के महत्व, प्रक्रिया एवं इससे होने वाले लाभों के बारे में जानकारी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि मृत्यु के पश्चात किया गया नेत्रदान किसी दृष्टिहीन व्यक्ति के जीवन में रोशनी ला सकता है। इसलिए अधिक से अधिक लोगों को नेत्रदान के लिए आगे आकर इस पुनीत कार्य में भागीदारी निभानी चाहिए।
नेत्रदान के प्रति जागरूक कर शपथ दिलाई जाएगी
पखवाड़े के दौरान विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं विभिन्न सामाजिक एवं अन्य संस्थाओं में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों, कर्मचारियों एवं आमजन को नेत्रदान के लिए प्रेरित किया जाएगा तथा नेत्रदान की शपथ भी दिलाई जाएगी। साथ ही नेत्रदान से संबंधित भ्रांतियों को दूर करने और वैज्ञानिक तथ्यों की जानकारी आमजन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
नेत्रदान के संबंध में सही जानकारी प्राप्त करें
कार्यक्रम में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. शरद दसाया ने नेत्रदान के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि नेत्रदान एक महान सामाजिक एवं मानवीय कार्य है। इससे किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में दृष्टि का उजाला लाने में मदद मिल सकती है। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे नेत्रदान के संबंध में सही जानकारी प्राप्त करें तथा स्वयं नेत्रदान का संकल्प लेने के साथ अपने परिवार एवं परिचितों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
इस अवसर पर नेत्र सहायक प्रितम शर्मा, पंकज शर्मा एवं गोविंद राठौर सहित चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

