भवानीमंडी (झालावाड़)। भवानीमंडी पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य और गहन अनुसंधान की मदद से चाकूबाजी की एक झूठी घटना का सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने खुद पर हमला करवाने की साजिश रचने वाले मुख्य फरियादी (कथित पीड़ित) और इस षड्यंत्र में उसका साथ देने वाले उसके 5 अन्य सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया है।
क्या था मामला?
थानाधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया कि बीती 7 जुलाई 2026 को सुकेत (जिला कोटा) निवासी साजिद (19 वर्ष) पुत्र हसीम ने भवानीमंडी थाने में एक मामला दर्ज कराया था। शिकायत में उसने बताया था कि 6 जुलाई 2026 की रात करीब 10-11 बजे जब वह अपने दोस्तों के साथ नारायण खेड़ा रोड पर एक किराना दुकान के पास रुका था, तभी एक अज्ञात व्यक्ति ने पीछे से उसकी पीठ पर चाकू से वार कर दिया, जिससे वह लहूलुहान हो गया। उसके दोस्त उसे इलाज के लिए सरकारी अस्पताल ले गए।
पुलिस जांच में खुला राज
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचंद मीणा के निर्देशन एवं वृत्ताधिकारी (आरपीएस) सत्यनारायण गोदारा के सुपरविजन में थानाधिकारी प्रमोद कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
पुलिस टीम ने जब घटनास्थल का बारीक निरीक्षण किया और तकनीकी साक्ष्य जुटाए, तो पूरी कहानी संदिग्ध नजर आई। गहन पूछताछ और जांच में यह सच सामने आया कि फरियादी साजिद ने किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा हमला किए जाने की झूठी कहानी रची थी। वास्तव में, साजिद ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर खुद ही अपने शरीर पर चाकू से जख्म बनवाए थे ताकि चाकूबाजी की इस वारदात को सच दिखाया जा सके।
ये हुए गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में साजिश रचने वाले मुख्य आरोपी और उसके दोस्तों को गिरफ्तार किया है, जिनके नाम इस प्रकार हैं:
साजिद पिता हसीम भाई (19 वर्ष) पुत्र हसीम भाई (फरियादी)
अली हुसैन पिता छन्नू भाई (21 वर्ष) पुत्र छन्नूभाई
शेरखान पिता अफजल(26 वर्ष) पुत्र अफजल
शेख मुराद उर्फ शेखु पुत्र अब्दुल इस्लाम
अल्फेज (21 वर्ष) पुत्र कल्लू खान (उपरोक्त सभी निवासी सुकेत, जिला कोटा ग्रामीण)
अमन (19 वर्ष) पुत्र आसीफ (निवासी सुकेत, जिला कोटा)
सराहनीय भूमिका निभाने वाली पुलिस टीम
इस झूठी घटना का पर्दाफाश करने में भवानीमंडी थानाधिकारी प्रमोद कुमार (पु.नि.), सउनि दीपेन्द्र सिंह, सउनि वीरेन्द्र सिंह, सउनि जयदीप सिंह, कानि. तेजेन्द्र सिंह (1379) और कानि. महेश (1380) की मुख्य भूमिका रही। पुलिस अब आरोपियों से इस झूठी साजिश को रचने के पीछे के असली मकसद का पता लगाने में जुटी है।

