संघर्ष रंग लाया: भवानीमंडी से सातलखेड़ी तक बनेगा 9 किमी का नया ग्रीनफील्ड लिंक रोड, ₹350 करोड़ की लागत से जुड़ेगा दिल्ली-मुंबई 8-लेन एक्सप्रेसवे



केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कोटा दौरे पर की बड़ी घोषणा; जल्द शुरू होगी डीपीआर
संतरा, कृषि और कपड़ा उद्योग को लगेंगे पंख; दुधाखेड़ी माताजी के श्रद्धालुओं को भी मिलेगी बड़ी राहत

भवानीमंडी। ( जगदीश पोरवाल )

लंबे इंतजार और कड़े संघर्षों के बाद आखिरकार भवानीमंडी क्षेत्र के नागरिकों को विकास की एक बड़ी सौगात मिली है। भवानीमंडी से करीब 9 किलोमीटर दूर सातलखेड़ी (मध्य प्रदेश) तक एक नया फोर-लेन/लिंक रोड बनाकर इसे दिल्ली-मुंबई 8-लेन एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा। बुधवार को कोटा संभाग के दौरे पर आए केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने गोपालपुर में आयोजित एक आमसभा में इसकी आधिकारिक घोषणा की।

वसुंधरा राजे और सांसद दुष्यंत सिंह के प्रयासों को दिया श्रेय
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस लिंक रोड की घोषणा करते हुए इसका श्रेय राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और झालावाड़-बारां के सांसद दुष्यंत सिंह को दिया। उन्होंने कहा कि दोनों जनप्रतिनिधि काफी समय से इस मांग को लेकर प्रयासरत थे।



₹350 करोड़ की लागत, 2 से ढाई साल में पूरा होगा काम

राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) कोटा के अधिकारी संदीप अग्रवाल के अनुसार, इस लिंक रोड को एक ‘ग्रीनफील्ड रोड’ के रूप में विकसित किया जाएगा। भवानीमंडी से सातलखेड़ी तक बनने वाले इस 9 किलोमीटर लंबे मार्ग की अनुमानित लागत करीब 350 करोड़ रुपए होगी। डीपीआर (Detailed Project Report) का काम जल्द शुरू किया जा रहा है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगामी दो से ढाई वर्षों में यह सड़क बनकर तैयार हो जाएगी।

जनता की जागरूकता और त्रिस्तरीय प्रयासों से बनी बात

शुरुआती दौर में जब 8-लेन एक्सप्रेसवे का काम शुरू हुआ था, तब स्थानीय स्तर पर कनेक्टिविटी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी। भवानीमंडी के जागरूक नागरिकों और पूर्व महासंघ अध्यक्ष प्रीतपाल सिंह ने लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री प्रकाश चंद गुप्ता के माध्यम से जयपुर में नितिन गडकरी से मुलाकात कर वस्तुस्थिति सामने रखी थी।
शुरुआत में नीमथूर से जोड़ने का आश्वासन मिला था, जिससे क्षेत्रवासी संतुष्ट नहीं थे। इसके बाद भाजपा नेताओं, पूर्व सीएम वसुंधरा राजे और सांसद दुष्यंत सिंह ने दबाव बढ़ाया। पिछले 6 महीनों से एनएच के अधिकारी भी लगातार फील्ड विजिट कर सातलखेड़ी से जोड़ने का प्लान तैयार कर रहे थे, जिस पर बुधवार को अंतिम मुहर लग गई।

दुधाखेड़ी माताजी के श्रद्धालुओं को होगा बड़ा फायदा

इस लिंक रोड के बनने और सातलखेड़ी के पास कट मिलने से गरोठ-भानपुरा क्षेत्र के प्रसिद्ध आरोग्य धाम मां दुधाखेड़ी माताजी मंदिर आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं की राह आसान हो जाएगी। सातलखेड़ी से यह मंदिर मात्र 7 किलोमीटर दूर है। इसके लिए स्थानीय विधायक चंद्रसिंह सिसोदिया ने भी केंद्रीय मंत्री को पत्र लिखकर विशेष आग्रह किया था।
व्यापार और उद्योगों को लगेंगे पंख
1. संतरा व्यापार में होगी भारी वृद्धि: भवानीमंडी क्षेत्र संतरा उत्पादन में नागपुर के बाद देश में दूसरे नंबर पर आता है। यहाँ का संतरा बांग्लादेश, नेपाल और भूटान तक जाता है। 8-लेन से सीधे जुड़ने पर संतरे का परिवहन बेहद तेज और सुलभ हो जाएगा।
2. कृषि जींस को मिलेगा नया बाजार: क्षेत्र में सोयाबीन और धनिए की पैदावार बहुतायत में होती है। एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी से किसानों और व्यापारियों को फसल अन्य राज्यों में भेजने में बड़ी मदद मिलेगी।
3. टेक्सटाइल और लघु उद्योगों को बढ़ावा: इस लिंक रोड के बनने से क्षेत्र में नए लघु उद्योगों के रास्ते खुलेंगे। साथ ही, भवानीमंडी में पहले से स्थापित ‘राजस्थान टेक्सटाइल मिल’ (RTM) को कच्चे और पक्के माल के देशव्यापी परिवहन में काफी समय और लागत की बचत होगी।

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