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भवानीमंडी। राधेश्याम मंदिर ट्रस्ट की दुकान बिक्री और चार ट्रस्टियों के इस्तीफे का मामला कोटा देवस्थान विभाग ने इस पूरे प्रकरण को अब मुख्यालय उदयपुर देवस्थान विभाग को स्थानांतरित कर दिया है। इसके बाद अब दुकान बिक्री विवाद, निरस्त करने की मांग और इस्तीफों से जुड़ी आगे की तमाम सुनवाई व कानूनी कार्रवाई उदयपुर मुख्यालय स्तर पर ही की जाएगी।
उदयपुर की कमेटी ही लेगी अंतिम निर्णय
विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, भवानीमंडी के राधेश्याम मंदिर ट्रस्ट की दुकान बेचने की प्रारंभिक स्वीकृति देवस्थान विभाग उदयपुर मुख्यालय द्वारा गठित एक विशेष कमेटी ने ही दी थी। वर्तमान में दुकान बिक्री को लेकर जो विवाद खड़ा हुआ है और इसे निरस्त करने की जो मांग की जा रही है, उस पर आगामी कार्रवाई भी इसी मुख्यालय से होगी। प्राप्त जानकारी अनुसार जिस कमेटी ने दुकान बिक्री की अनुमति दी थी, वही कमेटी अब सक्षम अधिकारी के समक्ष इस मामले में अपना अंतिम निर्णय पारित करेगी।
सर्वधर्म हिंदू मंदिर रक्षा समिति ने देवस्थान मंत्री को सौंपा ज्ञापन
दूसरी ओर, इस मामले को लेकर सर्वधर्म हिंदू मंदिर रक्षा समिति के सदस्य प्रीतपाल सिंह ने बुधवार को जयपुर में राजस्थान सरकार के देवस्थान विभाग मंत्री श्री जोराराम कुमावत से विशेष मुलाकात की।
मुलाकात के दौरान समिति सदस्य ने ‘राधेश्याम मंदिर दुकान बिक्री प्रकरण’ के संबंध में मंत्री को विस्तृत जानकारी दी और मामले से जुड़े सभी महत्वपूर्ण व आवश्यक दस्तावेज सौंपे। समिति सदस्यों के अनुसार, देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने विषय की गंभीरता को देखते हुए इस पर तुरंत संज्ञान लिया है और मामले में उचित व निष्पक्ष कार्रवाई का पूरा आश्वासन दिया है। समिति ने उम्मीद जताई है कि इस संवेदनशील मामले में उन्हें जल्द ही त्वरित और उचित न्याय मिलेगा।
