झालावाड़ में वन विभाग का छापा, जीवित तीतर-तोते और शिकार के फंदे जब्त, आरोपी गिरफ्तार

अवैध शिकार और व्यापार पर कड़ा प्रहार; कालीसिंध नदी पुलिया के पास कच्ची झोपड़ियों पर वन विभाग और पुलिस की संयुक्त दबिश

झालावाड़ | ( जनसंदेश ) 08 जुलाई

जिले में वन्यजीवों के संरक्षण और अवैध शिकार पर अंकुश लगाने के लिए वन विभाग ने बुधवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग की टीम ने पुलिस जाब्ते के साथ मिलकर कालीसिंध नदी की पुलिया के पास स्थित वनखण्ड फील्ड ट्रायल क्षेत्र की कच्ची झोपड़ियों पर दबिश दी। मौके से जीवित तीतर, तोते, शिकार में प्रयुक्त होने वाले फंदे, पिंजरे और एक मोटरसाइकिल जब्त की गई है। मामले में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर उन्हें कोर्ट में पेश किया गया है।

तड़के दी दबिश, वन्यजीवों के व्यापार के मिले सबूत

​उप वन संरक्षक (DCF) सागर पवार के निर्देशन और एसीएफ मुकेश सहजवानी के नेतृत्व में क्षेत्रीय वन अधिकारी दीपक सिंह चारण, असनावर रेंज के वनकर्मियों और पुलिस की संयुक्त टीम ने बुधवार सुबह यह घेराबंदी की।

​शुरुआती जांच में सामने आया है कि यहां बड़े पैमाने पर वन्यजीवों के अवैध शिकार, उन्हें बंधक बनाने और उनके व्यापार से जुड़ी गतिविधियां चल रही थीं। मौके से मिले पुख्ता प्रमाणों के बाद विभाग ने आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत कड़ा प्रकरण दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

वन विभाग की अपील: वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाया तो खैर नहीं, सीधे जेल

“वन्यजीवों का शिकार, उन्हें पकड़ना, परिवहन करना या उनका व्यापार करना गैर-जमानती अपराध है। इसमें कड़ी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है। आमजन वन्यजीवों की रक्षा में भागीदार बनें।”

वन विभाग, झालावाड़

  • पहचान रहेगी गुप्त: विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी वन्यजीवों के शिकार या तस्करी की सूचना मिले, तो तुरंत नजदीकी वन अधिकारी को बताएं। सूचना देने वाले का नाम और पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।

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