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झालावाड़ ( जगदीश पोरवाल )| भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। जिले के पीएचसी झुमकी को एक मॉडल “हीट वेव रेडीनेस हेल्थ फैसिलिटी” के रूप में विकसित किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. साजिद खान के मार्गदर्शन में यहाँ ‘हीट मित्र’ अभियान और ‘ओआरएस एटीएम’ जैसे अनूठे नवाचार शुरू किए गए हैं।
अस्पताल में विशेष ‘कूल कॉर्नर’ और ‘हीट स्ट्रोक बेड’
चिकित्सा अधिकारी डॉ. शुभम पाटीदार के नेतृत्व में अस्पताल परिसर में मरीजों के लिए ग्रीन नेट से ‘कूल कॉर्नर’ तैयार किया गया है। आपात स्थिति के लिए विशेष हीट स्ट्रोक बेड आरक्षित किए गए हैं, जहाँ ऑक्सीजन, आईवी फ्लूड और आइस पैक जैसी जीवन रक्षक सामग्रियां 24 घंटे उपलब्ध रहेंगी।
नवाचारों से जन-जन तक पहुँच
गांव और सार्वजनिक स्थानों पर लू से बचाव के लिए कई प्रभावी कदम उठाए गए हैं:
ओआरएस एटीएम व मटका वाटर: राहगीरों के लिए शीतल जल और ओआरएस की उपलब्धता।
आरोग्य पेय जल अभियान: मजदूर चौकों और बस स्टैंडों पर निःशुल्क छाछ व नींबू पानी का वितरण।
गमछा बैंक: धूप से बचाव के लिए कूल कैप और गमछों का प्रबंधन।
छाछ दानदाता: ग्रामीण किशोरचंद शर्मा ने इस मुहिम में छाछ दान कर जन-सहयोग की मिसाल पेश की है।
“आरोग्य पेय पिएं – लू से बचें, सावधानी ही सबसे बड़ा उपचार है।” — स्वास्थ्य संदेश
लू (हीट स्ट्रोक): लक्षण और बचाव के सूत्र
| क्या है लू? | जब शरीर का तापमान 40°C के पार हो जाए और शरीर ठंडा होने की क्षमता खो दे। |
| प्रमुख लक्षण | चक्कर आना, तेज सिरदर्द, उल्टी, सूखी त्वचा और बेहोशी। |
| हाई रिस्क ग्रुप | मजदूर, किसान, ट्रैफिक पुलिस, बुजुर्ग और छोटे बच्चे। |
| बचाव के उपाय | हर |
आपातकालीन स्थिति में क्या करें?
मरीज को तुरंत ठंडी छाया में ले जाएं।
शरीर पर ठंडे पानी की पट्टियां रखें।
होश में होने पर ओआरएस या नींबू पानी पिलाएं।
स्थिति गंभीर होने पर तुरंत 108 एम्बुलेंस को कॉल करें।
इस अभियान को सफल बनाने में नर्सिंग ऑफिसर मयंक गुर्जर, दीपक जोशी, लक्षिता शर्मा और फार्मासिस्ट रविकांत सहित समस्त स्टाफ पोस्टरों और लाइव डेमो के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक कर रहा है।



