बाट-माप में गड़बड़ी पर विभाग की कार्रवाई, पांच प्रतिष्ठानों की जांच; 19,500 रुपए का जुर्माना वसूला


मंत्री सुमित्रा गोदारा के निर्देश पर झालावाड़, गंगधार और चौमहला में चला विशेष अभियान

भवानीमंडी। ( जगदीश पोरवाल ) उपभोक्ताओं को सही तौल सुनिश्चित कराने और बाट-माप व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए उपभोक्ता मामले विभाग ने झालावाड़ जिले में विशेष जांच अभियान चलाया।

उपभोक्ता मामले मंत्री सुमित्रा गोदारा के निर्देश पर 21 और 22 अक्टूबर को झालावाड़, गंगधार और चौमहला क्षेत्र में धर्मकांटों एवं तोल कांटों का औचक निरीक्षण किया गया। कार्रवाई के दौरान नियमों के उल्लंघन पर प्रकरण दर्ज कर कुल 19,500 रुपए की समझौता राशि वसूली गई।

विधिक माप विज्ञान अधिकारी दुर्गेश कुमार के नेतृत्व में की गई जांच में व्यापारिक प्रतिष्ठानों के बाट-माप उपकरणों और निर्धारित मानकों के अनुपालन की पड़ताल की गई। निरीक्षण के दायरे में झालावाड़ के पाटन रोड स्थित भरत धर्मकांटा और चौधरी धर्मकांटा, गंगधार के प्रियवंशी इंटरप्राइजेज और राजेश नीमा के श्री जी प्रकाश तोल कांटा तथा चौमहला का अयोध्या तोल कांटा शामिल रहे।

नियमों की अनदेखी पर दर्ज किए प्रकरण

जांच के दौरान माप-तौल संबंधी नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 के तहत कार्रवाई की गई। विभाग ने कुल 19,500 रुपए की कंपाउंडिंग फीस वसूल की। इस कार्रवाई का उद्देश्य व्यापारिक लेन-देन में सही वजन सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं को संभावित आर्थिक नुकसान से बचाना है।

धर्मकांटों का सत्यापन कराना अनिवार्य

विधिक माप विज्ञान अधिकारी दुर्गेश कुमार ने बताया कि विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 की धारा 24 के तहत संबंधित बाट-माप उपकरणों का नियमानुसार सत्यापन कराना आवश्यक है। धर्मकांटों और तोल कांटों का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सत्यापन होने से तौल की शुद्धता और व्यापारिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

आगे भी जारी रहेंगे औचक निरीक्षण

विभाग के अनुसार, उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा और माप-तौल व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए आगे भी विशेष अभियान चलाए जाएंगे। नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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