बेटियों को शिक्षा, सुरक्षा एवं आत्मनिर्भरता से जोड़ने के लिए कोलाना विद्यालय में आयोजित हुई ‘नारी चौपाल’

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‘सशक्त बालिका–सुरक्षित समाज’ सप्ताह के तहत बालिकाओं को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ आत्मरक्षा का दिया प्रशिक्षण

झालावाड़, 16 अक्टूबर। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत ‘नारी चौपाल–सशक्त बालिका, सुरक्षित समाज’ सप्ताह के समापन अवसर पर शुक्रवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कोलाना, झालरापाटन में बालिका शिक्षा, सशक्तिकरण एवं सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में बालिकाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं, शिक्षा के अवसरों, महिला सुरक्षा प्रावधानों तथा आत्मरक्षा के उपायों की जानकारी दी गई।

महिला अधिकारिता विभाग की हब योजना के अंतर्गत जेंडर स्पेशलिस्ट मीनाक्षी सोलंकी, पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद्र की केंद्र प्रबंधक रेखा जोशी, काउंसलर सुनीता जोशी, अंतिमा उच्वानिया, लीगल काउंसलर ममता कुमारी तथा सखी वन स्टॉप सेंटर की काउंसलर भगवान कंवर ने बालिकाओं को राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल के माध्यम से संचालित कालीबाई भील महिला संबल शिक्षा सेतु योजना, लाड़ो प्रोत्साहन योजना एवं अन्य विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बालिकाओं को शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने तथा उपलब्ध सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

लाड़ो प्रोत्साहन योजना के तहत 1.50 लाख रुपये की सहायता की जानकारी

कार्यशाला में लाड़ो प्रोत्साहन योजना के बारे में विस्तार से बताते हुए जानकारी दी गई कि योजना के अंतर्गत बालिका के जन्म से संबंधित निर्धारित सात चरणों में कुल 1 लाख 50 हजार रुपये की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से ऑनलाइन हस्तांतरित की जाती है। इसके साथ ही बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में भी जागरूक किया गया।

आत्मरक्षा प्रशिक्षण एवं हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी

पुलिस प्रशासन की कांस्टेबल निरमा कंवर एवं गुरमीत कौर ने बालिकाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में स्वयं की सुरक्षा करने के उपायों एवं आवश्यक सावधानियों की जानकारी देते हुए बालिकाओं को आत्मविश्वास के साथ परिस्थितियों का सामना करने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान महिला एवं बाल सुरक्षा से संबंधित हेल्पलाइन नंबर 112, 1090, 1098, 1930 एवं 181 की जानकारी भी दी गई, ताकि आवश्यकता पड़ने पर बालिकाएं संबंधित सेवाओं से सहायता प्राप्त कर सकें।

कार्यशाला के अंत में विद्यालय की उपप्रधानाचार्य शीलेष शर्मा एवं अन्य कार्मिकों ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया। उन्होंने बालिकाओं के सशक्तिकरण, प्रतिभा विकास एवं सुरक्षित वातावरण के निर्माण के लिए इस प्रकार की जागरूकता गतिविधियों को महत्वपूर्ण बताते हुए भविष्य में भी महिला अधिकारिता विभाग के सहयोग से ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की अपेक्षा व्यक्त की।
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