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झालावाड़। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत जिले में निजी स्वास्थ्य संस्थानों और स्वास्थ्य पेशेवरों को डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने के लिए 15 से 30 अक्टूबर तक विशेष सघन अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले के निजी स्वास्थ्य क्षेत्र की डिजिटल पहचान तैयार कर उन्हें एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ना है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. साजिद खान ने बताया कि इस 15 दिवसीय अभियान के दौरान निजी प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों की हेल्थकेयर प्रोफेशनल आईडी (HPID) बनाई जाएगी। इसके साथ ही पात्र निजी अस्पतालों, क्लीनिकों, फार्मेसी, पैथोलॉजी लैब और सोनोग्राफी सेंटरों की हेल्थकेयर फैसिलिटी आईडी (HFID) तैयार की जाएगी।
अस्पतालों में HMIS सॉफ्टवेयर होगा लागू
सीएमएचओ के अनुसार, अभियान के तहत निजी चिकित्सा संस्थानों में हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (HMIS) सॉफ्टवेयर का एडॉप्शन सुनिश्चित कराया जाएगा। इससे अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड का डिजिटल प्रबंधन आसान और पारदर्शी हो सकेगा।
स्वास्थ्य भवन से मिलेगी तकनीकी सहायता
रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में सहायता और तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए स्वास्थ्य भवन में विशेष व्यवस्था की गई है। निजी स्वास्थ्य संस्थान एवं डॉक्टर वहां से आवश्यक जानकारी व मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।
पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज
अभियान में पंजीकरण कराने के लिए स्वास्थ्य पेशेवरों को निम्नलिखित दस्तावेज (डिजिटल रूप में) साथ लाने का आग्रह किया गया है:
- आधार से लिंक मोबाइल नंबर
- काउंसिलिंग का पंजीकरण प्रमाण पत्र (Registration Certificate)
- शैक्षणिक योग्यता संबंधी दस्तावेज
- वर्तमान कार्यस्थल का प्रमाण पत्र (Experience / Appointment Proof)
विभाग ने जिले के सभी पात्र निजी स्वास्थ्य संस्थानों और डॉक्टरों से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेकर समय सीमा के भीतर अपना पंजीकरण अवश्य कराएं, जिससे जिले में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के नेटवर्क को और मजबूती मिल सके।
