भवानीमंडी में दुख की घड़ी में अनुकरणीय पहल: स्वर्गीय संतोष खाबिया का परिवार बना मिसाल, नेत्रदान से दो लोगों का जीवन होगा रोशन

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​भवानीमंडी। स्थानीय निवासी स्वर्गीय श्री संतोष खाबिया के आकस्मिक निधन के पश्चात उनके शोक संतप्त परिवार ने नेत्रदान का पुनीत निर्णय लेकर मानवता की एक नई मिसाल पेश की है। परिवार के इस सराहनीय कदम से दो दृष्टिहीन लोगों के जीवन में फिर से उजियारा आ सकेगा।

​लायंस क्लब भवानीमंडी के अध्यक्ष एवं शाइन इंडिया फाउंडेशन के ज्योति मित्र नरेंद्र जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि स्वर्गीय खाबिया के निधन के बाद महावीर मारवाड़ी, लक्की मारवाड़ी एवं दोहिती भाविनी के विशेष प्रयासों और प्रेरणा से परिवार ने नेत्रदान का संकल्प लिया।

​रात 3 बजे लक्की मारवाड़ी से सूचना मिलते ही शाइन इंडिया फाउंडेशन, कोटा के डॉ. कुलवंत गौड़ से तत्काल संपर्क किया गया। आंखों के फोटो देखने के बाद कॉर्निया सुरक्षित पाए जाने पर डॉ. गौड़ अहले सुबह कोटा से लगभग 100 किलोमीटर की दूरी तय कर सुबह 6:30 बजे भवानीमंडी पहुंचे और सफलतापूर्वक नेत्रदान प्राप्त किया। इस दौरान दोहिती भाविनी सहित परिवार के सभी सदस्यों ने नेत्रदान की पूरी प्रक्रिया को प्रत्यक्ष देखा और दिवंगत आत्मा को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि दी।

​नरेंद्र जैन ने कहा कि ‘नेत्रदान ही महादान’ है। किसी व्यक्ति के इस दुनिया से चले जाने के बाद भी उसके नेत्रों से किसी जरूरतमंद का जीवन रोशन हो सकता है। स्वर्गीय सोभाग मल जी के परिवार ने दुःख की इस कठिन घड़ी में धैर्य और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए समाज को एक अत्यंत प्रेरणादायी संदेश दिया है। उन्होंने महावीर मारवाड़ी, लक्की मारवाड़ी एवं डॉ. कुलवंत गौड़ के सेवाभावी योगदान की सराहना करते हुए खाबिया परिवार के प्रति आभार एवं अनुमोदना व्यक्त की। साथ ही, आमजन से अपील की कि हर परिवार को नेत्रदान जैसे पुनीत कार्य के प्रति जागरूक होना चाहिए।

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