ज
विलंबित पंजीयन के लिए संशोधित प्रावधानों की आमजन को जानकारी होना जरूरी
झालावाड़, 29 सितम्बर। ( जगदीश पोरवाल )जन्म एवं मृत्यु का समय पर पंजीयन प्रत्येक नागरिक के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रेशन (संशोधन) अधिनियम, 2026 के तहत विलंबित सूचना से संबंधित प्रावधानों में संशोधन किया गया है। आमजन इन प्रावधानों की जानकारी रखते हुए जन्म एवं मृत्यु की प्रत्येक घटना का निर्धारित अवधि में पंजीयन करवाना सुनिश्चित करें।
एक वर्ष से अधिक, दो वर्ष के भीतर सूचना देने पर
संशोधित प्रावधान के अनुसार, जन्म या मृत्यु की घटना की सूचना एक वर्ष के पश्चात किन्तु दो वर्ष के भीतर रजिस्ट्रार को दी जाती है, तो ऐसी सूचना का पंजीयन संबंधित क्षेत्राधिकार वाले जिला मजिस्ट्रेट, उपखण्ड मजिस्ट्रेट अथवा जिला मजिस्ट्रेट द्वारा प्राधिकृत कार्यपालक मजिस्ट्रेट द्वारा जन्म या मृत्यु की घटना की शुद्धता का सत्यापन किए जाने के पश्चात उनके आदेश तथा निर्धारित शुल्क जमा किए जाने पर किया जाएगा।
दो वर्ष बाद सूचना देने पर न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश आवश्यक
संशोधित धारा 13(3A) के अनुसार, जन्म या मृत्यु की घटना की सूचना दो वर्ष के पश्चात रजिस्ट्रार को दी जाती है, तो उसका पंजीयन संबंधित क्षेत्राधिकार वाले प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा जन्म या मृत्यु की घटना की शुद्धता का सत्यापन करने के पश्चात उनके आदेश तथा निर्धारित शुल्क जमा किए जाने पर ही किया जाएगा।
कार्यपालक मजिस्ट्रेट के संबंध में स्पष्ट प्रावधान
संशोधन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि धारा 13(3) के प्रयोजन के लिए कार्यपालक मजिस्ट्रेट से आशय भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 14 की उप-धारा (1) के अधीन नियुक्त कार्यपालक मजिस्ट्रेट से है।
समय पर पंजीयन कराएं, दस्तावेजी परेशानियों से बचें
जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि जन्म एवं मृत्यु की प्रत्येक घटना का समय पर पंजीयन करवाएं। निर्धारित अवधि में सूचना देने से विलंबित पंजीयन की अतिरिक्त प्रक्रिया से बचा जा सकता है। जन्म एवं मृत्यु की घटना होने पर संबंधित रजिस्ट्रार/जन्म-मृत्यु पंजीयन कार्यालय में निर्धारित समयावधि में सूचना देना सुनिश्चित करें।
——००——
स

