पचपहाड़ अस्पताल में तीसरी बार दानपात्र पर हाथ साफ; चोर अब ताले तोड़ना भूल, छत के रास्ते दाखिल हो रहे !

​ हर बार एक ही तरीका अपनाकर वारदात को अंजाम, पूर्व की चोरियों का अब तक नहीं हुआ खुलासा; आमजन और व्यापारियों के लिए बढ़ी सतर्कता की जरूरत

भवानीमंडी/पचपहाड़, प।

क्षेत्र में चोरों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब उन्होंने भगवान के घर के बाद मरीजों के इलाज के केंद्र यानी अस्पताल को भी अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है। रविवार रात पचपहाड़ के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अज्ञात चोरों ने एक बार फिर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने अस्पताल की छत पर लगी लोहे की जाली को काटा, अंदर दाखिल हुए और वहां रखे दानपात्र का ताला तोड़कर उसमें रखी नकदी समेटकर रफूचक्कर हो गए। अस्पताल के दानपात्र से चोरी की यह लगातार तीसरी वारदात है।

तीसरी बार भी अपनाया एक ही पैंतरा

​प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. नरेश अग्रवाल ने बताया कि सोमवार सुबह जब कर्मचारी अस्पताल पहुंचे, तो दानपात्र का ताला टूटा हुआ मिला। जब गहराई से जांच की गई तो पता चला कि चोर छत के रास्ते अंदर आए थे। उन्होंने सुरक्षा के लिए लगाई गई लोहे की जाली को काटा और अंदर घुस गए। चोरों ने दानपात्र से सारी नकदी निकाल ली और खाली पात्र को वहीं छोड़ दिया।

सीसीटीवी में कैद हुई चालाकी, महिला के शामिल होने की आशंका

डॉ. अग्रवाल के मुताबिक, अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगालने पर पता चला कि चोर बेहद शातिर हैं। पहचान छिपाने के लिए चोर अंदर उतरते ही खुद पर चादर डाल लेता है ताकि उसका चेहरा कैमरे में न आ सके। खास बात यह है कि इस बार की वारदात में किसी महिला की संलिप्तता होने की भी आशंका जताई जा रही है।

जरूरतमंदों की मदद के लिए रखा था दानपात्र

​अस्पताल प्रशासन ने बताया कि इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों से किसी भी तरह का पर्ची शुल्क नहीं लिया जाता है। गरीब और जरूरतमंद मरीजों की आपातकालीन सहायता के लिए ही परिसर में यह दानपात्र रखा गया था। इस दानपात्र को सप्ताह में एक बार खोला जाता है, जिसमें अमूमन 300 से 400 रुपये तक की राशि जमा होती है। चोरों ने इस छोटी सी रकम के लिए भी सुरक्षा घेरे को तोड़ डाला।

ट्रेंड में बदलाव: अब मुख्य द्वार नहीं, छत बन रही है चोरों का सॉफ्ट टारगेट

​विगत दो-ढाई सालों में क्षेत्र में हुई चोरियों के मामलों का विश्लेषण करें तो एक बेहद चौंकाने वाला ट्रेंड सामने आया है। चोरों ने अब चोरी करने का अपना पारंपरिक तरीका पूरी तरह बदल दिया है।

  • दुकान-मकान के ताले सुरक्षित: अब चोर दुकानों या मकानों के मुख्य द्वार के मजबूत ताले और शटर तोड़ने में समय बर्बाद नहीं कर रहे हैं।
  • छत के सहारे एंट्री: हाल के दिनों में जितनी भी चोरियां हुई हैं, उनमें चोरों ने छत का सहारा लेकर या वेंटिलेटर/जाली काटकर अंदर प्रवेश करने का नया तरीका (मोडस ऑपेरंडी) इजाद कर लिया है।
  • आम आदमी के लिए सतर्कता का विषय: चोरों के इस बदलते पैंतरे ने अब आम आदमी, मकान मालिकों और व्यापारियों के लिए चिंता बढ़ा दी है। अब केवल मुख्य दरवाजे पर भारी-भरकम ताला लटका देना काफी नहीं है, बल्कि अपनी छतों, बालकनी और ऊपर के रास्तों को भी उतना ही सुरक्षित और अभेद्य बनाना जरूरी हो गया है।

​​अस्पताल के प्रभारी डॉक्टर नरेश अग्रवाल ने बताया कि इस तीसरी वारदात समेत पूर्व में हुई दोनों चोरियों की रिपोर्ट भी भवानीमंडी थाने में दर्ज कराई जा चुकी है। लेकिन अभी तक पिछली दो चोरियों का पुलिस पता नहीं लगा पाई है ।

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