महिला डिब्बे में सफर करने वाले पुरुष यात्रियों की खैर नहीं, अब लगेगा ₹2,500 तक जुर्माना
कोटा | जनसंदेश (जगदीश पोरवाल)
भारतीय रेलवे ने ट्रेनों में महिला यात्रियों की सुरक्षा, सम्मान और उनके सफर को आरामदायक बनाने के लिए नियमों को बेहद सख्त कर दिया है। महिला आरक्षित डिब्बों (लेडीज कोच) में पुरुषों के अनधिकृत प्रवेश को रोकने के लिए अब जुर्माने की राशि में भारी बढ़ोतरी की गई है। नए जनविश्वास (संशोधन प्रावधान) अधिनियम, 2026 के लागू होने के बाद, अब महिला डिब्बे में अवैध रूप से यात्रा करने वाले पुरुष यात्रियों से मौके पर ही ₹2,500 तक का जुर्माना वसूला जाएगा।
नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई, टिकट भी होगा जब्त
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक एवं जनसम्पर्क अधिकारी श्री सौरभ जैन ने बताया कि कई बार सामान्य डिब्बों में भीड़ या जल्दबाजी का बहाना बनाकर पुरुष यात्री लेडीज कोच में चढ़ जाते हैं। लेकिन अब ऐसा करना भारी पड़ेगा। नए नियमों के तहत न सिर्फ ₹2,500 तक का ऑन-द-स्पॉट जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि:
- संबंधित पुरुष यात्री का टिकट या पास जब्त किया जा सकता है।
- रेलवे सुरक्षा बल (RPF) या टिकट जांच स्टाफ द्वारा यात्री को तुरंत ट्रेन से बाहर उतारा जा सकता है।
12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को छूट:
रेलवे नियमों के अनुसार, महिला यात्रियों के साथ यात्रा कर रहे 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों को महिला आरक्षित डिब्बे में सफर करने की स्पष्ट अनुमति है।
रेलवे अधिनियम की धारा 162 के तहत होगी जेल या जुर्माना
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 162 के तहत यदि कोई पुरुष यात्री यह जानते हुए भी कि कोई बर्थ, सीट, कोच या कंपार्टमेंट महिलाओं के लिए आरक्षित है, उसमें प्रवेश करता है या ट्रेन के गार्ड के निर्देश के बाद भी उसे खाली नहीं करता, तो वह कानूनी रूप से उत्तरदायी होगा और उसके खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
