कोटा। (जन संदेश/जगदीश पोरवाल)
पिलौदा स्टेशन पर तैनात दो रेलकर्मियों की सूझबूझ और तत्परता से एक बड़ा रेल हादसा होने से बच गया। उनकी इस उत्कृष्ट और सतर्क कार्यप्रणाली के लिए मंडल रेल प्रबंधक (DRM) कोटा श्री अनिल कालरा ने आज डीआरएम कार्यालय स्थित सभागार में आयोजित एक गरिमामय समारोह में उन्हें ‘संरक्षा पुरस्कार’ और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
तेज तूफान में ओएचई वायर पर फंसा था टिन
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ जैन ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि बीते 3 अप्रैल 2026 को पिलौदा स्टेशन पर अचानक आए तेज तूफान के कारण रेलवे के ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) वायर में एक टिन फंस गया था। यह स्थिति किसी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती थी।
सूझबूझ से रुकवाई ट्रेन
ड्यूटी पर तैनात स्टेशन अधीक्षक श्री मलखान मीना और पॉइंट्समेन श्री दयालु ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए तुरंत तत्परता दिखाई। दोनों रेलकर्मियों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए समय रहते आने वाली गाड़ी के लोकोपायलट को सूचित किया और ट्रेन को सुरक्षित दूरी पर रुकवा दिया। उनके इस त्वरित निर्णय से ओएचई वायर से होने वाली एक बड़ी रेल दुर्घटना टल गई।
कर्मचारियों का हौसला बढ़ाना मुख्य उद्देश्य
सभागार में सभी शाखा अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित इस सम्मान समारोह का मुख्य उद्देश्य रेल कर्मचारियों को यात्री सुरक्षा और संरक्षा से जुड़े कार्यों के प्रति जागरूक व प्रोत्साहित करना था।
”इस प्रकार की सतर्कता और समयबद्ध निर्णय क्षमता रेलवे की सुरक्षित और विश्वसनीय सेवा सुनिश्चित करने में मील का पत्थर साबित होती है। मंडल प्रशासन हमेशा ऐसे समर्पित कर्मचारियों के कार्यों की सराहना और उन्हें प्रोत्साहित करता रहेगा।”
— श्री सौरभ जैन, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक

